जीवन के एहतराम मे समरसता जरूरी = अब्दुल्लाह खान

जीवन के एहतराम मे समरसता जरूरी = अब्दुल्लाह खान
 

सन्त कबीर नगर { मगहर } जीवन के एहतराम मे समरसता जरूरी है उक्त बाते रिलेक्सो डोमस्वेयर कंपनी निदेशक अब्दुल्लाह खान ने कही । आज वे सूफी सन्त कबीर दास महानिर्वाण स्थली मगहर पहुंचे थे । सवालिया लहजे मे उन्होने कहा कि मुहब्बत के पैगाम को किसने मुकम्मल स्थान दिया है ? इसका उत्तर हर अजीज दिल चाहता है लेकिन उसकी जुस्तजू गायब कहां हो जाती है । इसके लिए हमे कबीर साहब के उपदेशो का अनुसरण करना चाहिए ।
इसके पूर्व वे सदगुरु कबीर भोजन सेवा व्यवस्था देखी । सुदृढ़ भोजन व्यवस्था के दृष्टिगत उन्होने कहा कि भोजन सेवा आत्मीयता का द्योतक है यहां से हमे समरसता का सबक प्राप्त होता है । एक सफल जीवन के उपलक्ष मे अगर हमारे सामने कोई सवाल आता है तो उसके उत्तर मे मै यही कहूंगा । प्रासंगिकता के तौर पर उन्होने कहा कि कबीर साहब के जीवन परिचय और उनके द्वारा दिये गये मानव जीवन की उत्कृष्टता मे उपदेश का अंगीकार बहुत जरूरी है । हम सामाजिक दृष्टिकोण अपने जीवन का समीक्षा तो करते है पर जीवन के दृष्टिकोण से हमेशा उदासीन रह जाते है ।

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